साहित्य अकादमी
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साछात्कार
हिन्दी को गरिमापूर्ण स्थान तक पहुँचाने में लेखकों, कवियों, प्रचारकों, पत्रकारों, समाचार माध्यमों और हिन्दी सेवी संस्थाओं का अप्रतिम योगदान रहा है। मध्यप्रदेश а¤ња¤їа¤Ё संस्थाओं ने हिन्दी के विस्तार का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कार्य किया उनमें म.प्र. साहित्य परिषद् के रूप में स्थापित आज साहित्य अकादमी के रूप में सक्रिय संस्था का नाम अग्रणी संस्थाओं में а¤—а¤їа¤Ёа¤ѕ जाता है। हिन्दी को а¤а¤ѕа¤°а¤¤ में ही नहीं विदेशों तक विस्तारित कर इसके а¤ёа¤аҐЂ प्रकार के रूपों एवं विचारों को समाज के समक्ष लाने में इसका योगदान माना जाता है। लेखकों की पहली कृति के प्रकाशनार्थ पाण्डुलिपि सहायतानुदान दिया जाता है इस सहायता से लेखक अपनी कृति को प्रकाशित करने के а¤Іа¤їа¤Џ प्रकाशकों की सहायता से प्रकाशित करवा कर वितरित कर सकता है। प्रतिवर्ष इस योजना को बहुप्रसारित कर पाण्डुलिपियाँ आमंत्रित की जाती है तथा एक उच्च स्तरीय साहित्यक मंडली उनके चयनित पाण्डुलिपियों को प्रकाशनार्थ अनुदान की अनुशंसा करती है।
पाठकमंच केन्द्रों का संचालन प्रदेश के प्रतेयक जिलो के साथ माह वी. एवं वी . वी तक इस а¤…а¤а¤їа¤Ёа¤µ योजना को а¤а¤ѕа¤°а¤¤ में सर्वप्रथम स्थापित करने का सबसे प्रतिष्ठित मंच माना जाता है। इस योजना के अंतर्गत पाठकमंच संचालक का चुनाव इस तरह किया जाता है जो स्थानीय स्तर а¤Єа¤° सृजनरत लेखक कलाकार होता है। प्रदेश में अब а¤Іа¤—а¤а¤— 60 पाठकमंच स्थापित है। इन पाठकमंच केन्द्रों को वर्ष а¤а¤° प्रतिमाह दो-दो पुस्तकें कहानी, कविता, उपन्यास, यात्रा संस्मरण पौराणिक प्रष्टа¤аҐ‚मि а¤Єа¤° लिखी पुस्तकें एवं पत्रिकाएँ निशुल्क а¤аҐ‡а¤њаҐЂ जाती है, पाठकमंच संचालक का दायित्व होता है कि वह जिज्ञासु एवं पठनशील पाठकों तक उन पुस्तकों को उपलब्ध कराता है प्रतिमाह पाठकमंच इन पुस्तकों а¤Єа¤° परिचर्चा а¤аҐЂ आयोजित करता है अकादमी चुनी हुई गोष्ठी रपटों का प्रकाशन अपनी मासिक पत्रिका साक्षात्कार में а¤аҐЂ करता है।
साक्षात्कार पत्रिका हिन्दी साहित्य की अग्रणी पत्रिका के रूप में 1976 में त्रैमासिक, द्विमासिक और बाद में अब पिछले दो दशको से मासिक पत्रिका के रूप में प्रकाशित होती है। पत्रिका में समकालीन रचनाशीलता आलोचना विमर्श समसामयिक लेख तथा किसी विशिष्ट सृजनशील व्यक्तित्व को केन्द्र में रखकर विशेषांक साथ ही प्रत्येक अंक में साक्षात्कार का प्रकाशन करती है। अब तक साक्षात्कार के 445 अंक प्रकाशित हो चुके है। इस पत्रिका ने अनेक साहित्यक विа¤аҐ‚तियों की सृजनशीलता को एकत्रित कर उनके संपूर्ण सृजन कार्य а¤Єа¤° विशेषांकों का प्रकाशन а¤аҐЂ किया है जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैरू- चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी ',ठाकुर जगमोहन सिंह, अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध ', महावीर प्रसाद द्विवेदी, प्रतापनारायण मिश्र, बालकृश्ण а¤а¤џаҐЌа¤џ, पंडित रामचंद्र शुक्ल, राहुल सांस्कृत्यापन, माधवराव सप्रे, शमशेर, नागार्जुन, नरेश मेहता, शिवमंगलसिंह सुमन , स्वामी विवेकानन्द और युवाओं а¤Єа¤° केंद्रित अंक चर्चित रहे हैं। प्रवासी लेखन विशेषांक- मतवाला, विश्वकविता, कहानी अंक, कथा विशेषांक, रामविलास शर्मा, राम कुमार वर्मा, आपातकाल विशेषांक अति उलेखनीय है ।
अकादमी साहित्य के शास्त्रीय और लोकप्रिय विषयों а¤Єа¤° केंद्रित अंर्तसंबंधों और समकालीनता को केन्द्र में रखकर पुस्तकों का प्रकाशन а¤аҐЂ करती रही हैं। अन्वेषक और दस्तावेजीकरण और कला माध्यमों के बीच संवाद स्थापित करने के а¤Іа¤їа¤Џ अब तक कुल 52 पुस्तकों का प्रकाशन किया а¤ња¤ѕ चुका है। साहित्य अकादमी की प्रकाशित पुस्तकों को प्रामाणिक संदर्ठग्रंथ माना जाता है। इनमे से कुछ को छोड़कर а¤ёа¤аҐЂ विक्रय के а¤Іа¤їа¤Џ उपलब्ध है। इन प्रकाशनों के प्रचार प्रसार के а¤Іа¤їа¤Џ अकादेमी प्रादेशिक, राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय पुस्तक मेलों में а¤а¤ѕа¤—ीदारी करती है। संस्कृति विа¤а¤ѕа¤— के विа¤а¤їа¤ЁаҐЌа¤Ё आयोजनों के दौरान इनकी प्रदर्शन विक्रय का काम किया जाता है।
15-16 Feb राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पुरष्कार
18-19 Feb पाठक मंच कार्यशाला
20-21 Feb स्मृति समारोह
01-02 March नरेश मेहता स्मृति समारोह
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पुरस्कार योजना नियमावली
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